मध्य प्रदेशराज्य

भोपाल रिटायर्ड IAS हत्याकांड: फरार केयरटेकर की तलाश में आगरा-मथुरा पहुंची पुलिस, मंदिर-मस्जिद और रैन बसेरों में छापेमारी

पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपित केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश में पुलिस ने मध्य प्रदेश से बाहर डेरा डाल दिया है। पुलिस की टीमें आगरा और मथुरा में रैन बसेरों, मंदिर-मस्जिदों और अन्य संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही दिल्ली जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।

पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद वरुण लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और पहचान छिपाकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में रह सकता है। पुलिस उसके पुराने परिचितों, संपर्कों और संभावित मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

हुलिए के आधार पर जगह-जगह तलाश

पुलिस जांच में सामने आए संभावित ठिकानों और संपर्कों के आधार पर अलग-अलग टीमों को आगरा और मथुरा के विभिन्न इलाकों में भेजा गया है। धार्मिक स्थलों और रैन बसेरों में भी वरुण के हुलिए से संबंधित जानकारी साझा कर उसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि वह किसी ऐसी जगह शरण ले सकता है, जहां बाहरी लोगों की आवाजाही ज्यादा हो और उसकी पहचान आसानी से सामने न आए। इसी वजह से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के साथ दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख रूट पर भी नजर रखी जा रही है।

स्वजन का दावा- एक जगह ज्यादा दिन नहीं टिकता था

वरुण के स्वजन ने पुलिस को बताया है कि उसका जीवन लंबे समय से अस्थिर रहा है। वह किसी एक जगह पर ज्यादा समय तक नहीं रहता था और जहां भी काम या रहने का मौका मिलता, वहीं गुजारा कर लेता था।

परिवार के मुताबिक, वरुण सामान्य तौर पर एक सप्ताह से ज्यादा किसी स्थान पर नहीं रुकता था। यहां तक कि वह घरवालों के भी नियमित संपर्क में नहीं था। कई-कई महीने तक परिवार से उसकी बातचीत नहीं होती थी। पुलिस अब उसके इसी पुराने पैटर्न को ध्यान में रखते हुए संभावित ठिकानों और उसके संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

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पुराने काम वाली जगहों पर भी सामने आया चोरी का नाम

जांच के दौरान पुलिस को वरुण के पुराने कामकाज से जुड़ी जगहों के बारे में भी जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि जहां-जहां उसने पहले काम किया, वहां छोटी-मोटी चोरी की घटनाओं में उसका नाम सामने आया था।

हालांकि इन घटनाओं को लेकर संबंधित स्थानों पर शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। ऐसे में वरुण के खिलाफ उस समय कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी।

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