
राजस्थान के झुंझुनू जिले में सोमवार को सड़क निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल की जा रही एक मशीन के बिजली लाइन के संपर्क में आने से आठ मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई।
यह हादसा उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के छापोली गांव में हुआ, जहां छपोली को कदमकुंड से जोड़ने वाली संकरी सड़क का निर्माण जनभागीदारी से किया जा रहा था।
उदयपुरवाटी के एसएचओ रामपाल ने कहा कि बजरी मिलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही एक मशीन ओवरहेड हाई-टेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई।
उन्होंने कहा, ‘मशीन हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई, जिससे बिजली का करंट उसमें से गुजर गया। वहां काम करने वाले मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि हादसे में मरने वाले आठ मजदूर स्थानीय निवासी थे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और अधिकारियों को घायलों का शीघ्र और उचित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने मंत्री झाबर सिंह खर्रा को घटनास्थल का दौरा करने और घटना से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क का निर्माण जनभागीदारी से किया जा रहा है और छोटे पैमाने पर निजी तौर पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छपोली को कदमकुंड से जोड़ने वाली संकरी सड़क पर काम चल रहा है।
नागर ने कहा कि तकनीकी अधिकारियों को घटनास्थल का दौरा करने और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई विभागीय या तकनीकी चूक पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौतों पर दुख व्यक्त किया और यह पता लगाने के लिए जांच की मांग की कि दुर्घटना कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
उन्होंने राज्य सरकार से मृतकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और हर संभव सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया।
पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की



