
2020 के आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में घटनाओं का कालानुक्रम निम्नलिखित है, जिसमें दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन और चार सह-दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, यह कहते हुए कि यह मामला “दुर्लभतम” श्रेणी में नहीं आता है, जिसके लिए मृत्युदंड उचित हो।
फरवरी 2020: नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी, जिसमें 53 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
25 फरवरी, 2020: उत्तरपूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान अपने घर से बाहर निकले खुफिया ब्यूरो अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए।
26 फरवरी, 2020: शर्मा का शव चांद बाग पुलिया क्षेत्र के पास खजूरी खास नाले से बरामद किया गया। उनके पिता, रविंदर कुमार ने दयालपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य लोगों पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया।
3 जून, 2020: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कड़कड़डूमा अदालत में पार्टी से निलंबित ताहिर हुसैन समेत दस लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपियों पर 25 फरवरी को चांद बाग इलाके में अपहरण, हत्या और दंगा करने का आरोप है।
1 अगस्त, 2020: दिल्ली की अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लिया।
24 मार्च, 2023: दिल्ली की अदालत ने ताहिर हुसैन और 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या, दंगा, शत्रुता को बढ़ावा देने और आपराधिक साजिश सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए।
13 जुलाई, 2026: दिल्ली की अदालत ने हत्या के मामले में ताहिर हुसैन और चार अन्य को दोषी ठहराया। हुसैन को हत्या का दोषी पाया गया, लेकिन आपराधिक साजिश और उकसाने के आरोपों से बरी कर दिया गया। छह सह-आरोपियों को भी बरी कर दिया गया।
27 जुलाई, 2026: दिल्ली की अदालत ने सभी दोषियों के खिलाफ सजा पर दलीलें सुनीं और सजा की मात्रा पर अपना फैसला 31 जुलाई के लिए सुरक्षित रख लिया। अभियोजन पक्ष ने सभी दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की।
31 जुलाई, 2026: दिल्ली की अदालत ने हत्या के मामले में ताहिर हुसैन और चार सह-दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


