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कैंसर के इलाज में क्यों झड़ने लगते हैं बाल? एक्सपर्ट से जानें जरूरी बातें

कैंसर ऐसी गंभीर बीमारी है जिसमें अधिकतर लोगों की जान चली जाती है. इसलिए इस बीमारी का नाम सुनते ही लोगों के पैरों तले जमीन खिसक जाती है. हर साल लाखों लोग अलग-अलग तरह के कैंसर की वजह से अपनी जान गंवाते हैं. वैसे मेडिकल क्षेत्र में डेवलपमेंट की वजह से कैंसर का ट्रीटमेंट काफी आसान हो गया है. इसके इलाज में की जाने वाली कीमोथेरेपी का एक साइड इफेक्ट बालों का झड़ना भी है.

लोग ये तो जानते हैं कि कैंसर के इलाज में बाल तेजी से झड़ते हैं और उनमें ये शिकायत भी रहती है कि बाल क्यों तेजी से गिर रहे हैं. लेकिन आखिर ऐसा होता क्यों है ये बहुत कम जानते हैं. एक्सपर्ट से जानें…

कैंसर में क्यों झड़ने लगते हैं बाल?
डॉ. जे.बी. शर्मा (डायरेक्टर, एक्शन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल ऑन्कोलॉजी एंड इम्यूनोथेरेपी, एक्शन कैंसर हॉस्पिटल, दिल्ली) का कहना है कि कीमोथेरेपी का मकसद कैंसर सेल्स को खत्म करना होता है, लेकिन इसके साथ शरीर की कुछ हेल्दी सेल्स भी प्रभावित हो सकती हैं. हमारे हेयर फॉलिकल्स यानी बालों की जड़ें बहुत तेजी से ग्रो करने वाली सेल्स से बनी होती हैं, इसलिए कीमोथेरेपी के दौरान बाल झड़ना एक कॉमन साइड इफेक्ट है.

आमतौर पर ट्रीटमेंट शुरू होने के 2 से 3 हफ्ते बाद हेयर फॉल शुरू हो सकता है. कुछ मरीजों में सिर्फ सिर के बाल, जबकि कुछ में आईब्रो, आईलैश और शरीर के अन्य हिस्सों के बाल भी झड़ सकते हैं. हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्यादातर मामलों में यह अस्थायी होता है.

फिर उगने लगते हैं बाल?
कीमोथेरेपी पूरी होने के कुछ हफ्तों या महीनों बाद बाल दोबारा उगने लगते हैं, हालांकि शुरुआत में उनका रंग या टेक्सचर थोड़ा अलग हो सकता है. यह भी जरूरी नहीं कि हर कीमोथेरेपी दवा से बाल झड़ेया हर मरीज में एक जैसा असर हो.

इन बातों का रखें ध्यान
इसलिए मरीजों को किसी भी तरह की चिंता होने पर अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से खुलकर बात करनी चाहिए. ट्रीटमेंट के दौरान माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल, स्कैल्प की सही देखभाल, हेल्दी डाइट और पर्याप्त न्यूट्रिशन लेने से काफी मदद मिलती है. सबसे जरूरी बात यह है कि बाल दोबारा आ सकते हैं, लेकिन कैंसर का सही समय पर और पूरा इलाज मरीज की जिंदगी बचाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है.

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