
बीते दिनों बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की घटना के विरोध में विभिन्न संयुक्त संगठनों द्वारा दिया गया पंजाब बंद का आह्वान बरनाला में बेहद असरदार और व्यापक रहा। सफाई सेवक यूनियनों, किसान-मजदूर संगठनों तथा व्यापार मंडल की एकजुटता के कारण पूरे शहर के प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे।
हालांकि आम जनजीवन और आपातकालीन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अस्पताल, मेडिकल स्टोर और स्कूल-कॉलेजों जैसी अनिवार्य सेवाओं को बंद के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया था। तड़के ही विभिन्न यूनियनों से जुड़े प्रदर्शनकारी नगर निगम कार्यालय में जुटने शुरू हो गए थे। इस मौके पर रोष मार्च निकाला गया, जो सदर बाजार, कच्चा कॉलेज रोड से होकर गुजरा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि लाठीचार्ज के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित कर्मचारियों को न्याय मिले। इस मौके पर विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने भी सफाई सेवकों की मांगों का समर्थन किया।
व्यापार मंडल के प्रधान अनिल बंसल नाणा ने कहा कि सरकार को उनकी जायज मांगें तुरंत माननी चाहिए। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कुछ दुकानों को बंद करवाया दिया जो खुली थीं। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने लाठियां बरसवाने वाले डीएसपी सतवीर बैंस, एसएचओ लखविंद्र के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई के बजाय निलंबित कर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। यूनियन ने यह आरोप भी लगाया कि सस्पेंड किए गए मुलाजिमों को भविष्य में दोबारा ड्यूटी पर आने का मौका मिलेगा।



