‘जब आजम खान के नहीं हुए तो मेरे क्या होंगे…’ अखिलेश यादव पर भड़के स्वामी प्रसाद मौर्य, बोले- PDA के दुश्मन नंबर-1 हैं सपा प्रमुख

INDIA गठबंधन में शामिल होने की चर्चा के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. मौर्य ने गठबंधन में जगह दिए जाने को लेकर अखिलेश के रवैये पर सवाल उठाते हुए आजम खान का नाम लिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘जब अखिलेश यादव आजम खान के नहीं हुए तो स्वामी प्रसाद मौर्य के क्या होंगे.’ इतना ही नहीं, उन्होंने अखिलेश को PDA का दुश्मन नंबर-1 तक बता दिया. मौर्य ने यह भी दावा किया कि INDIA गठबंधन को लेकर उनकी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और गौतम जी से बातचीत हो चुकी है. उनके इस बयान से यूपी की सियासत में गठबंधन और PDA को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.
अखिलेश यादव पर कसा तंज
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह आजम खान के नहीं हुए तो उनके यानी स्वामी प्रसाद मौर्य के क्या होंगे. उनका इशारा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की तरफ था. मौर्य ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को वह और चंद्रशेखर आजाद पसंद नहीं हैं, बल्कि उन्हें नाथवानी पसंद हैं. INDIA गठबंधन में शामिल किए जाने को लेकर अखिलेश यादव के इनकार की चर्चा के बीच मौर्य का यह बयान सामने आया है. उन्होंने अपने बयान के जरिए अखिलेश के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि जो नेता पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों की बात करता है, उसका इन वर्गों के नेताओं के साथ व्यवहार भी वैसा होना चाहिए.
अखिलेश को बताया PDA का दुश्मन नंबर-1
स्वामी प्रसाद मौर्य ने PDA के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा. PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है. समाजवादी पार्टी ने इस सामाजिक समीकरण को अपनी राजनीति का अहम हिस्सा बनाया है. मौर्य का आरोप है कि अखिलेश यादव PDA की बात तो करते हैं, लेकिन असल में वह इसके दुश्मन हैं. उन्होंने अखिलेश को PDA का दुश्मन नंबर-1 तक कह दिया. मौर्य ने दावा किया कि इसी रवैये की वजह से उन्होंने समाजवादी पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था. उनके मुताबिक अखिलेश यादव की कथनी और करनी में अंतर है. मौर्य ने सवाल उठाया कि PDA की राजनीति करने वाले नेता को पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के नेताओं के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए.
बोले- अखिलेश यादव मुझसे बात करने लायक भी नहीं
अखिलेश यादव पर हमला करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह उनसे बातचीत करने के लायक भी नहीं हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘न पिद्दी हैं और न पिद्दी के शोरबा.’ कभी समाजवादी पार्टी में महासचिव रहे मौर्य अब पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर खुलकर निशाना साध रहे हैं. उनके बयान में आजम खान और चंद्रशेखर आजाद का जिक्र भी रहा. मौर्य ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को इन नेताओं के साथ उनका जुड़ाव पसंद नहीं है. इस तरह उन्होंने PDA के सामाजिक समीकरण के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के भीतर नेताओं के साथ व्यवहार को भी अपने हमले का मुद्दा बनाया.



