दिल्लीराज्य

दिल्ली सरकार ने एक सप्ताह के भीतर पीजी हब के सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए

सत्य निकेतन में इमारत ढहने की दुखद घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरणजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को उपराज्यपाल सचिवालय में एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें घटना के बाद की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई और शहर भर में पेइंग गेस्ट (पीजी) सुविधाओं में रहने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव, एनडीआरएफ प्रमुख, एमसीडी आयुक्त, दिल्ली पुलिस आयुक्त, डीयू के कुलपति, प्रमुख सचिव (गृह), डीडीए के उपाध्यक्ष, प्रमुख सचिव (शिक्षा) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पीजी हब में सभी भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पीजी आवास के रूप में उपयोग किए जा रहे परिसरों में निरीक्षण अभियान चलाने का भी निर्देश दिया, विशेष रूप से उन परिसरों में जहां प्रथम दृष्टया निर्धारित ऊंचाई और फर्श प्रतिबंधों का उल्लंघन किया गया है।

साथ ही, उपराज्यपाल ने पीजी भवनों को अंधाधुंध सील करने के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इससे छात्रों को आवास के बिना छोड़ दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करते हुए कि छात्र बेघर न हों, नियामक जांच और प्रवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

उपराज्यपाल ने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद को संस्थागत पीजी दिशानिर्देशों की समीक्षा करने, विश्वविद्यालयों, एमसीडी और डीडीए के माध्यम से वैकल्पिक छात्र आवास का पता लगाने और छात्रों के आवास के लिए डीडीए आवास स्टॉक के साथ-साथ अप्रयुक्त और खाली डीडीए और एमसीडी भवनों का उपयोग करने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति का नेतृत्व करने का भी निर्देश दिया।

दिल्ली में छात्रों के आवास की कमी को रेखांकित करते हुए उपराज्यपाल ने समिति से जल्द से जल्द छात्रावास सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एक मध्यम और दीर्घकालिक योजना तैयार करने को कहा।

सूद ने कहा, “बैठक में सरकार द्वारा किए जा सकने वाले हर संभव उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो।

सरकार छात्र आवास की कमी को पूरा करने और मौजूदा छात्रावासों के पुनर्विकास के लिए उच्च एफएआर की सुविधा प्रदान करने के लिए जहां भी आवश्यक हो, अतिरिक्त एफएआर रियायतों का भी पता लगाएगी ताकि वे सुरक्षा मानदंडों का पालन करते हुए अधिक छात्रों को समायोजित कर सकें।

सूद ने कहा कि सरकार न्यायमूर्ति गुहा समिति की सिफारिशों के अनुसार तैयार की जा रही रिपोर्ट के आधार पर पीजी आवास और कोचिंग संस्थानों के सख्त नियमन पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।

तत्काल निवारक उपाय के रूप में, विभाग संयुक्त रूप से समयबद्ध अभ्यास में पीजी आवास और कोचिंग संस्थानों के भवनों का निरीक्षण करेंगे। एमसीडी को चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है।

जिला मजिस्ट्रेट, डीसीपी और एमसीडी उपायुक्त की एक समिति पीजी आवासों में रहने वाले छात्रों तक सक्रिय रूप से पहुंचेगी, उनकी शिकायतें सुनेगी और ऐसी सुविधाओं में रहने वाले छात्रों का एक व्यापक डेटाबेस संकलित करेगी

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