
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (एचबीसीएच एंड आरसी), पंजाब ने कैंसर के इलाज को अधिक सुलभ और परेशानी मुक्त बनाने के लिए अपने न्यू चंडीगढ़ और संगरूर परिसरों में सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के माध्यम से कैशलेस उपचार शुरू किया है।
भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर की एक इकाई, एचबीसीएच एंड आरसी ने पहले मुख्य रूप से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) सहित 15 सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत कवर किए गए लाभार्थियों को कैशलेस उपचार की पेशकश की थी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान न्यू चंडीगढ़ और संगरूर परिसरों में सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से लगभग 10,000 लाभार्थियों ने कैशलेस उपचार का लाभ उठाया।
नई सुविधा के साथ, निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के तहत आने वाले मरीज भी अपनी संबंधित पॉलिसियों की शर्तों के अधीन सूचीबद्ध बीमाकर्ताओं के माध्यम से कैशलेस कैंसर उपचार और संबंधित नैदानिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आवश्यक बीमा अनुमोदन के बाद, स्वीकार्य अस्पताल के बिलों का निपटान अब सीधे बीमा प्रदाता द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘इससे पहले, मरीजों को प्रतिपूर्ति का दावा करने के लिए बीमाकर्ताओं को दस्तावेज और बिल प्रदान करने पड़ते थे, जिससे प्रक्रिया में समय लगता था.’
डॉ. गुलिया ने कहा कि संगरूर ग्रामीण पंजाब में स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से यह सुविधा प्रदान करने वाला पहला सार्वजनिक क्षेत्र का अस्पताल बन गया है।
उन्होंने कहा, “कैशलेस बीमा सेवाओं के साथ-साथ हमारी डिजिटल भुगतान पहल को रोगियों और उनके परिचारकों के लिए प्रतीक्षा और वित्तीय असुविधा को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
अस्पताल ने क्यूआर कोड-आधारित स्मार्ट कार्ड टॉप-अप सुविधा भी शुरू की है। मरीज अपने स्मार्ट कार्ड पर क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं, वांछित राशि दर्ज कर सकते हैं और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं, जिससे कार्ड को रिचार्ज करने के लिए कतारों में खड़े होने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
एक अन्य पहल में, अस्पताल ने अपना पहला समर्पित प्रत्यक्ष दान लिंक और क्यूआर कोड लॉन्च किया है, जो दाताओं को कहीं से भी कैंसर देखभाल और रोगी सेवाओं को मजबूत करने में योगदान करने में सक्षम बनाता है।
गुलिया ने कहा, ‘दानदाताओं को मौजूदा नियमों के अनुसार लागू आयकर छूट का दावा करने के लिए दान रसीदें भी मिलेंगी।


