फिटनेस टेस्ट की दौड़ में हांफने लगी भोपाल पुलिस, 1 घंटे में 10 KM भी नहीं दौड़ पाए 396 में से 248 जवान

राजधानी भोपाल में पुलिसबल को चुस्त-दुरुस्त और एक्टिव बनाए रखने के मकसद से शुरू की गई ‘सैटरडे रनिंग ड्राइव’ के पहले ही नतीजों ने सीनियर अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
दरअसल, पुलिस विभाग द्वारा भी 12 एसीपी संभागों में आयोजित इस फिटनेस टेस्ट में शामिल हुए 560 पुलिसकर्मियों में से 349 (लगभग 62%) तय मानकों को पूरा करने में असफल रहे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 45 वर्ष से कम आयु वाले 396 युवा जवानों में से 248 पुलिसकर्मी निर्धारित 1 घंटे में 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी नहीं कर सके।
45 वर्ष से कम उम्र (लक्ष्य- 60 मिनट में 10 किमी)
इस श्रेणी में शामिल 396 पुलिसकर्मियों में से केवल 148 जवान ही समय पर दौड़ पूरी कर पाए, जबकि 248 (62% से अधिक) असफल रहे। मिसरोद (70), निशातपुरा (49) और कोतवाली (21) संभाग के युवाओं में से एक भी जवान निर्धारित समय में दूरी तय नहीं कर सका।
वहीं, शाहजहांनाबाद में 53 में से मात्र 4 जवान सफल हुए। सकारात्मक पहलू यह रहा कि जहांगीराबाद के सभी 26 और टीटी नगर के सभी 22 जवानों ने दौड़ सफलता से पूरी की।
45 से 55 वर्ष की उम्र (लक्ष्य- 45 मिनट में 5 किमी)
इस वर्ग में भाग लेने वाले 118 पुलिसकर्मियों में से 53 ही सफल रहे, जबकि 65 पिछड़ गए। कुल 55% असफल रहे।
55 वर्ष से अधिक उम्र (लक्ष्य- 25 मिनट में 3 किमी)
सीनियर श्रेणी के 46 कर्मचारियों में से महज 10 ही लक्ष्य तक पहुंच पाए। मिसरोद (14) और निशातपुरा (8) के सभी पुलिसकर्मी इस टेस्ट में असफल साबित हुए।
अभ्यास के लिए मिलेगा और समय
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुछ थानों में जवानों ने दौड़ने के बजाय केवल स्ट्रेचिंग ही की, जबकि 55 से अधिक उम्र के कई जवानों ने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का हवाला देकर योग का विकल्प चुना।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, विभाग के सर्कुलर के आधार पर ही जुलाई से फिटनेस स्टैंडर्ड लागू किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पुलिसकर्मी अभी मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, उन्हें पर्याप्त अभ्यास का अवसर दिया जाएगा, लेकिन पुलिसबल की फिटनेस से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


