विश्व कप में केसरिया जर्सी पहनेंगी भारतीय हॉकी टीमें

भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच विश्व कप में पारंपरिक नीली जर्सी नहीं, बल्कि केसरिया रंग की जर्सी पहनेंगी। जर्सी का रंग बदलने के इस फैसले पर विवाद के बाद हॉकी इंडिया ने कहा है कि कोचों और खिलाड़ियों के अनुरोध पर तकनीकी कारणों से यह फैसला लिया गया है।हॉकी इंडिया ने कहा, ‘यह देखा गया कि नीली जर्सी नीले रंग की एस्ट्रो टर्फ के साथ घुल-मिल जाती थी, जबकि अंतर्राष्ट्रीय हॉकी पिचों के लिए नीला रंग ही अब मानक है। इस एक जैसे रंग की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर साफ देखने में दिक्कत होती थी। कोचों और खिलाड़ियों ने पीले या केसरिया जैसे दूसरे रंगों का सुझाव दिया। अच्छी तरह सोच विचार के बाद केसरिया रंग को चुना गया। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, ‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जर्सी का रंग बदलने के लिये किसी का दबाव नहीं था।’
जर्सी का रंग बदलने पर भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान धनराज पिल्लै ने कहा, ‘यह कोई आईपीएल या फ्रेंचाइजी हॉकी नहीं है। 1928 से जर्सी का रंग नीला रहा है। अब वह भाव नयी केसरिया रंग की जर्सी में कैसे आ सकेगा। भारतीय जर्सी का रंग तो नीला ही है।’ पूर्व कप्तान परगट ने कहा ,’हमारे देश में हर चीज में भगवा ब्रांडिंग हो रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। खेल धर्म, जाति, वर्ग सभी से परे है। खेल में भी अगर यही सोच डालनी है तो यह शर्मनाक है।’
देश की आत्मा नहीं बदल सकते : प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘यूनीफॉर्म बदल लें या इतिहास बदलने की कोशिश करें, देश की आत्मा नहीं बदल सकते। पूरा देश इस असलियत को जानता है और जिन्हें नहीं पता है उन्हें पता चल गया है कि आरएसएस की नीयत क्या है।’



