
Haryana OPS Sankalp March : हरियाणा में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) और पेंशन बहाली संघर्ष समिति (पीबीएसएस) ने प्रदेश के सभी जिलों में ‘ओपीएस संकल्प मार्च’ निकालने की घोषणा की है। इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत 2 अगस्त को रोहतक से होगी, जबकि समापन 7 फरवरी, 2027 को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय संकल्प मार्च के साथ किया जाएगा।
समिति का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य प्रदेशभर के कर्मचारियों को एक मंच पर लाकर सरकार पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के लिए दबाव बनाना है। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय मुख्य संगठन सचिव एवं पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से समिति के साथ जल्द वार्ता शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। धारीवाल ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों का आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य से जुड़ा विषय है।
ओपीएस के पक्ष में रखे तर्क
समिति का दावा है कि वर्तमान राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) कर्मचारियों को ओपीएस जैसी सुनिश्चित सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं करातीं। धारीवाल के अनुसार ओपीएस में कर्मचारियों को परिभाषित पेंशन का भरोसा मिलता है, जबकि एनपीएस और यूपीएस बाजार आधारित व्यवस्था होने के कारण पेंशन की राशि अनिश्चित रहती है। उन्होंने कहा कि ओपीएस में पारिवारिक सुरक्षा, महंगाई राहत और सेवानिवृत्ति के बाद स्थायी आय की व्यवस्था अधिक मजबूत है।
जिले-जिले पहुंचेगा अभियान
संकल्प मार्च का पहला चरण अगस्त से दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान रोहतक, सिरसा, पंचकूला, पलवल, झज्जर, रेवाड़ी, नूंह, सोनीपत, अंबाला, भिवानी, यमुनानगर, गुरुग्राम, करनाल, महेंद्रगढ़, पानीपत, चरखी दादरी, हिसार, कैथल, फतेहाबाद, फरीदाबाद, हांसी और जींद सहित प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का समापन 7 फरवरी को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय ओपीएस संकल्प मार्च के साथ होगा, जिसमें प्रदेशभर से कर्मचारियों की भागीदारी का दावा किया गया है।


