
पंजाब के अबोहर में कई गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विरोध मार्च निकाला और आरोप लगाया कि 45 दिन पहले अपने घर से लापता एक नाबालिग लड़की का पता लगाने में पुलिस निष्क्रियता दिखा रही है।
बाद में प्रदर्शनकारियों ने थाना सिटी-1, अबोहर के बाहर प्रदर्शन किया और पुलिस से लापता लड़की का जल्द से जल्द पता लगाने और आरोपी ओमकार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।
विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों में बिओपार मंडल के अध्यक्ष सुरेश सतीजा, किसान नेता सुखजिंदर सिंह राजन, गुरमीत प्रजापति, भाजपा नेता धनपत सियाग और राजू चराया, एमसी विजय छाबड़ा, नगर निगम के पूर्व महापौर विमल ठताई, दीपक चपोला, पुनीत अरोड़ा के अलावा लड़की के परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और स्थानीय निवासी शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि लड़की के लापता होने के 45 दिन बाद भी पुलिस अंधेरे में टटोल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लड़की को बरामद नहीं किया गया और आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।
12वीं कक्षा की मेधावी छात्रा ने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए थे लेकिन सीड फार्म इलाके के निवासी ओमकार नाम के एक युवक को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद वह लापता हो गई थी।
पुलिस ने 23 मई को ओमकार, उसकी मां कृष्णा रानी, उसके भाई गुरु और नंद सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 (2) (अपहरण) और 96 (नाबालिग बच्चे की खरीद) के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कृष्णा रानी और कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन ओमकार अभी भी फरार है।
थाना सिटी-1 के एसएचओ मनिंदर सिंह ने कहा कि मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में राजस्थान के एक व्यक्ति सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने यह भी कहा कि वे नियमित रूप से लड़की के परिवार के साथ सभी प्रासंगिक जानकारी साझा कर रहे थे।
पुलिस ने लड़की का पता लगाने के लिए परिवार और प्रदर्शनकारियों से एक सप्ताह की मांग की, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से तितर-बितर हो गए। हालांकि परिवार के कुछ सदस्यों ने थाने के बाहर धरना जारी रखा।



