MP के जिस जिले में बनती है हजारों मेगावाट बिजली, वहीं पर तीन महीने से अंधेरे में पूरा गांव; ₹9 लाख बकाया पर काटी सप्लाई

खंडवा जिला मध्य प्रदेश का प्रमुख पावर हब है। यहां स्थित हाईड्रो, थर्मल और सोलर परियोजनाओं की छह इकाइयां प्रतिदिन 4318 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता रखती हैं, जो प्रदेश के कुल उत्पादन क्षमता का करीब 13 फीसद है। खंडवा में उत्पादित बिजली से प्रदेश के विभिन्न जिले रोशन होते हैं, रेलवे सहित उद्योगों में भी इसकी आपूर्ति की जाती है, लेकिन इन्हीं विद्युत परियोजनाओं से करीब 70 किमी दूर स्थित जिले का खजूरी गांव पिछले तीन महीने से अंधेरे में है।
यहां के उपभोक्ताओं पर करीब नौ लाख रुपये बिजली बिल बकाया होने के कारण विद्युत विरतण कंपनी ने पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे ग्रामीणों की दिनचर्या और कृषि कार्य दोनों प्रभावित हैं।
ट्रांसफार्मर खराब हुआ, फिर बंद कर दी गई बिजली
ग्रामीणों के मुताबकि, लगभग तीन महीने पहले ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। विद्युत कंपनी ने बकाया बिल जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू किया, बाद में पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। इससे नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ता भी परेशान हैं। ग्रामीण विनोद चौहान का कहना है कि बकायदारों के अलग अलग कनेक्शन काटे जाने चाहिए। उनकी गलती की सजा हम लोग क्यों भुगतें।
70 में सिर्फ 5 परिवारों के बिल भरने का दावा
वहीं लाइनमैन शिवनारायण कुशवाह ने बताया कि गांव के 70 में सिर्फ पांच परिवार ही नियमित रूप से बिल जमा करते हैं। 65 उपभोक्ताओं पर नौ लाख रुपये की राशि बकाया है, कुछ उपभोक्ताओं पर 40 हजार रुपये तक का बिल बकाया है। कई परिवारों ने कनेक्शन लेने के बाद से ही बिल जमा नहीं किया।


