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राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ कांग्रेस के रिकॉर्ड को तोड़ती है: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला बोला और कांग्रेस के रिकॉर्ड के खिलाफ राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ की पिच पर सवाल उठाया और अरविंद केजरीवाल से अपने शिक्षा के दावों को साबित करने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने और गरीबों को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उनकी कल्याणकारी पहलों का विरोध कर रही है।

हरियाणा निवास में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब परिवारों तक एलपीजी सिलेंडर पहुंचाए हैं और उन्हें चिकित्सा उपचार तक पहुंच प्रदान की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि उसने उनके हित में उठाए गए कदमों का विरोध क्यों किया।

सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री भारत को दुनिया का अग्रणी देश बनाने और किसानों के खातों में 6,000 रुपये डालकर उन्हें मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के बावजूद कांग्रेस उनके खिलाफ टिप्पणी करती रही।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के परिवार के बारे में कांग्रेस की टिप्पणी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि लोग पार्टी को माफ नहीं करेंगे।

राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता के प्रेम के संदेश में विभाजनकारी दृष्टिकोण छिपा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और देश भर के लोग पार्टी के रिकॉर्ड से वाकिफ हैं।

उन्होंने पूछा कि क्या 1984 के दंगों को राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ में भी जगह मिलेगी। उन्होंने हरियाणा में कांग्रेस शासन के दौरान घरों, दुकानों और दलित बस्तियों को जलाने की घटनाओं का भी जिक्र किया और पूछा कि क्या इन्हें भी प्रदर्शित किया जाएगा।

आप नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दावा किया था कि उनके कार्यकाल के दौरान विकसित स्कूल प्रणाली ने बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनने में सक्षम बनाया।

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो अरविंद केजरीवाल को एक सूची जारी करनी चाहिए जिसमें यह बताया जाए कि उनके कार्यकाल में कितने छात्र डॉक्टर बने और कितने इंजीनियर बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े-बड़े दावे और झूठ काम का विकल्प नहीं हैं और देश को गुमराह करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।

पंजाब में समय से पहले चुनाव कराने की मांग के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बदलाव चाहते हैं और अपने राज्य को मजबूत होते देखना चाहते हैं।

पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पांच साल तक चुटकुले सुनाकर लोगों का पेट नहीं भरा जा सका। नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के वादों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही लोग अब उन दावों का हिसाब मांग रहे हैं।

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